रूठी हुई गर्लफ्रेंड से माफी कैसे मांगे

माफी की शायरी

अगर आपका प्यार आपसे नाराज़ है और आप उनसे माफ़ी मांगना चाहते है और उन्हें मनाना चाहते है तो आप यह शायरियां उन्हें फेसबुक, व्हाट्सएप्प पर भेज सकते है :


हम रूठे भी तो किसके भरोसे रूठें,
कौन है जो आयेगा हमें मनाने के लिए,
हो सकता है तरस आ भी जाये आपको,
पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये।


तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी,
तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी,
क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर,
जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी।


दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया,
रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया,
हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा,
हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया।


खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,
दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो,
देर हो गयी याद करने में जरूर,
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।


न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता,
जो गुस्से में कहा तुमने वही हँस के कहा होता।


देखा है आज मुझे भी गुस्से की नज़र से,
मालूम नहीं आज वो किस-किस से लड़े है।


कब तक रह पाओगे आखिर यूँ दूर हमसे,
मिलना पड़ेगा कभी न कभी ज़रूर हमसे,
नज़रें चुराने वाले ये बेरुखी है कैसी,
कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे।


निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी,
आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी,
माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की,
लगते मगर हैं अच्छे ये तेवर कभी कभी।


तुम हँसते हो मुझे हँसाने के लिए,
तुम रोते हो तो मुझे रुलाने के लिए,
तुम एक बार रूठ कर तो देखो,
मर जायेंगे तुम्हें मनाने के लिए।


नाराज क्यूँ होते हो किस बात पे हो रूठे,
अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे,
कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते,
गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मरते।


हो सकता है हमने आपको कभी रुला दिया,
आपने तो दुनिया के कहने पे हमें भुला दिया,
हम तो वैसे भी अकेले थे इस दुनिया में,
क्या हुआ अगर आपने एहसास दिला दिया।


हमसे कोई खता हो जाये तो माफ़ करना,
हम याद न कर पाएं तो माफ़ करना,
दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं,
पर ये दिल ही रुक जाये तो माफ़ करना।


बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से,
हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से,
तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले,
कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से।


इस कदर मेरे प्यार का इम्तेहान न लीजिये,
खफा हो क्यूँ मुझसे यह बता तो दीजिये,
माफ़ कर दो गर हो गयी हो हमसे कोई खता,
पर याद न करके हमें सजा तो न दीजिये।


आज मैंने खुद से एक वादा किया है,
माफ़ी मांगूंगा तुझसे तुझे रुसवा किया है,
हर मोड़ पर रहूँगा मैं तेरे साथ साथ,
अनजाने में मैंने तुझको बहुत दर्द दिया है।


धड़कन बनके जो दिल में समा गए हैं,
हर एक पल उनकी याद में बिताते हैं,
आंसू निकल आये जब वो याद आ गए,
जान निकल जाती है जब वो रूठ जाते हैं।

Sayre SMS Vikram Raj Thakur motivational speaker



यदि आप उत्साह बढ़ाने वाली शायरी जानना चाहे तो हमारे ऐसी ही कुछ शायरियो के माध्यम से आप जान सकते है की की तरह से आप किस अन्य व्यक्ति हौसला शायरियो के माध्यम से बढ़ सकते है :

गम की अँधेरी रात में दिल को न बेकरार कर,
सुबह जरूर आयेगी सुबह का इंतजार कर |




रास्ते में रुकके दम ले लूँ मेरी आदत नहीं,
लौट कर वापस चला जाऊ मेरी फितरत नहीं,
और कोई मिले न मिले

ये सारा जिस्म झुककर बोझ से दोहरा हुआ होगा,
मैं सजदे में नहीं था आपको धोखा हुआ होगा |

ये जो शहतीर है पलकों पे उठा लो यारों,
अब कोई ऐसा तरीका भी निकलो यारों |

ये मूरत बोल सकती है
होश और जोश की चिंगारी
सुलगाकर तो देखो |

वो मुश्किलें जिन्हें हल
जब्र और सब्र कर नहीं सकता,
मझबूत इरादे और मेहनत से उन्हें
आसाँ बनाके छोडूंगा |


वो आदमी नहीं है मुकमल बयान है,
माथे पर उसके चोट का गहरा निशान है |

राख कितनी राख है चारों तरफ बिखरी हुई,
राख में चिंगारियाँ ही देख अंगारे न देख |

एक दिन भी जी मगर तू ताज बनकर जी
अटल विश्वास बनकर जी अमर युग गान बनकर जी |

दाना गुलो-गुलज़ार होता है मिट्टी में मिल जाने के बाद,
रंग लाती है हिना पत्थर पे पिस जाने बाद |

मिटा सके जमाना जमाने में दम नहीं,
हमसे है जमाना जमाने से हम नहीं |

अगर देखना चाहते हो तुम मेरी उड़ान को,
तो जाओ जाकर थोड़ा ऊचा करो इस आसमान को |

अगर फलक को जिद है, बिजलियाँ गिराने की |
तो हमें भी जिद है, वहीं आशियाँ बनाने की |

जिन हाथों में शक्ति है राज तिलक देने की,
उन हाथों में शक्ति है शीश उतार लेने की |

जिस पर सर न झुके वह दर नहीं,
जो हर दर पर झुके वह सर नहीं |

जिन्दगी जिन्दादिल्ली का नाम है,
मुर्दा दिल क्या खाक जिया करते है |

उम्मीद वक्त का सबसे बड़ा सहारा है,
अगर हौसला हो हर-मौज में किनारा है |

थोड़ी आँच बची रहने दो थोड़ा धुँआ निकलने दो,
कल देखोगे कई मुसाफ़िर इसी बहाने आएँगे |

जुस्तजू हो तो सफर ख़त्म कहाँ होता है,
यूँ तो हर मोड़ पर मंजिल का गुमाँ होता है |

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले,
वतन पर मर मिटने वालों का
यही तो बाकी निशाँ होगा |

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