यदि आप उत्साह बढ़ाने वाली शायरी जानना चाहे तो हमारे ऐसी ही कुछ शायरियो के माध्यम से आप जान सकते है की की तरह से आप किस अन्य व्यक्ति हौसला शायरियो के माध्यम से बढ़ सकते है :
गम की अँधेरी रात में दिल को न बेकरार कर,
सुबह जरूर आयेगी सुबह का इंतजार कर |
रास्ते में रुकके दम ले लूँ मेरी आदत नहीं,
लौट कर वापस चला जाऊ मेरी फितरत नहीं,
और कोई मिले न मिले
ये सारा जिस्म झुककर बोझ से दोहरा हुआ होगा,
मैं सजदे में नहीं था आपको धोखा हुआ होगा |
ये जो शहतीर है पलकों पे उठा लो यारों,
अब कोई ऐसा तरीका भी निकलो यारों |
ये मूरत बोल सकती है
होश और जोश की चिंगारी
सुलगाकर तो देखो |
वो मुश्किलें जिन्हें हल
जब्र और सब्र कर नहीं सकता,
मझबूत इरादे और मेहनत से उन्हें
आसाँ बनाके छोडूंगा |
वो आदमी नहीं है मुकमल बयान है,
माथे पर उसके चोट का गहरा निशान है |
राख कितनी राख है चारों तरफ बिखरी हुई,
राख में चिंगारियाँ ही देख अंगारे न देख |
एक दिन भी जी मगर तू ताज बनकर जी
अटल विश्वास बनकर जी अमर युग गान बनकर जी |
दाना गुलो-गुलज़ार होता है मिट्टी में मिल जाने के बाद,
रंग लाती है हिना पत्थर पे पिस जाने बाद |
मिटा सके जमाना जमाने में दम नहीं,
हमसे है जमाना जमाने से हम नहीं |
अगर देखना चाहते हो तुम मेरी उड़ान को,
तो जाओ जाकर थोड़ा ऊचा करो इस आसमान को |
अगर फलक को जिद है, बिजलियाँ गिराने की |
तो हमें भी जिद है, वहीं आशियाँ बनाने की |
जिन हाथों में शक्ति है राज तिलक देने की,
उन हाथों में शक्ति है शीश उतार लेने की |
जिस पर सर न झुके वह दर नहीं,
जो हर दर पर झुके वह सर नहीं |
जिन्दगी जिन्दादिल्ली का नाम है,
मुर्दा दिल क्या खाक जिया करते है |
उम्मीद वक्त का सबसे बड़ा सहारा है,
अगर हौसला हो हर-मौज में किनारा है |
थोड़ी आँच बची रहने दो थोड़ा धुँआ निकलने दो,
कल देखोगे कई मुसाफ़िर इसी बहाने आएँगे |
जुस्तजू हो तो सफर ख़त्म कहाँ होता है,
यूँ तो हर मोड़ पर मंजिल का गुमाँ होता है |
शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले,
वतन पर मर मिटने वालों का
यही तो बाकी निशाँ होगा |
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