लेखक:- vikram raj thakur 01.2

एक मनचला लड़ाका था जब उस लड़की को देखता धा

एक लड़की थी..गली से गुज़रा करती थी....
उसके चेहरे पर नकाब हुआ करता था.....
एक लड़का उस पर दिलों जान से मरता था....
जब भी लड़की गली से आती थी...तो लड़का कहता था..
अपने चेहरे से नकाब को हटाओ...और चाँद सा चेहरा मुझे दिखाओ...
लड़की की कुछ ही दिन बाद शादी थी...
लड़की ने चेहरे से नकाब को ना हटाया...
अपना चाँद सा चेहरा ना दिखाया...
लड़की की शादी हुई ...

लड़का एक हफ्ते तक नज़र नही आया....
लड़की परेशान सी रहने लगी...
पुछते पुछते उसके घर जा पहुँची....
तभी घर वालो ने कहा...
म्होतर्मा आपको आने मे थोड़ा देर हो गयी....
उस दिवाने की तो एक हफ्ते पहले ही मौत हो गयी...
तभी पड़ोस वालो ने अपना फर्ज़ निभाया....

लड़की को लड़के की कब्र तक पहुँचाया.
लड़की जोर-जोर से रोने लगी....
अपने आँसुओ से कब्र को धोने लगी...
तभी कब्र से एक आवाज आयी...
समय-समय की बात है...

कल तुम थी नकाब मे...तो मे था शबाब मे..
आज मै हुँ नकाब मे....तो तुम हो शबाब मे...
लड़की पूछने लगी....ऐसा क्यो किया आपने...
तभी कब्र से फिर आवाज़ आयी....
तेरी डोली उठी..मेरी म्य्यत उठी...
फूल तुझ पे भी बरसे...फूल मुझ पे भी बरसे....
बस फर्क सिर्फ इतना था...

तू सज कर गयी...और ...मुझे सजाया गया...
तू भी घर को चली...मै भी घर को चला..
बस फर्क सिर्फ इतना था...
तू उठ कर गयी...और..मुझे उठाया गया...
महफिल वहाँ भी थी...लोग यहाँ भी थे....
बस फर्क सिर्फ इतना था...

उनका हंसना वहाँ...इनका रोना यहाँ...
काज़ी उधर भी था...मौलवी इधर भी था...
दो बोल तेरे भी पड़े...दो बोल मेरे भी पड़े..
तेरा निकाह पड़ा...मेरा जनाज़ा पड़ा..
बस फर्क सिर्फ इतना था...
तुझे अपनाया गया.....मुझे दफनाया गया.....

अगर आप को मेरी पोस्ट अच्छी लगी तो प्लीज़ कमेंट कर के बताओ......💞💞💞💞💞💞

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