लेखक:- vikram raj thakur 01.2

उनके दीदार के लिए दिल तड़पता है
उनके इंतजार में दिल तरसता है
क्या कहें इस कम्बख्त दिल को
अपना हो कर किसी और के लिए धड़कता ह

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